महिलामजदूरी से दुकानदारी तक… आज ललिता दीदी बनीं ‘लखपति दीदी’आजीविका मिशन से जुड़कर शुरू किया जूता-चप्पल का व्यवसाय, अब हर साल डेढ़ लाख रुपये तक की आय1 अक्टूबर · 5 मिनटसहेजें