आगर मालवा के मधुसूदन बैरागी ने आर्थिक संसाधनों की कमी के बीच मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण की है। वे वर्तमान में वाणिज्य कर विभाग में निरीक्षक के पद पर पदस्थ हैं।

तैयारी में आर्थिक कमी बनी थी चुनौती

सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान मधुसूदन के सामने सीमित आर्थिक संसाधनों की चुनौती थी। इसी समय उन्हें पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के तहत आर्थिक सहायता मिली।

योजना से मिली मदद के कारण उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी। मेहनत और लगन के साथ परीक्षा की तैयारी पूरी कर उन्होंने MPPSC में सफलता हासिल की।

पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए सहारा

मधुसूदन के अनुसार यह सहायता उन पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए उपयोगी है जो सिविल सेवा में जाना चाहते हैं, लेकिन आर्थिक कारणों से तैयारी में कठिनाई महसूस करते हैं। उनके अनुभव में योजना ने तैयारी के दौरान जरूरी संबल दिया।

मधुसूदन की उपलब्धि बताती है कि परीक्षा की तैयारी में आर्थिक सहायता किसी अभ्यर्थी की निरंतरता बनाए रखने में मदद कर सकती है। उनके मामले में योजना का लाभ मिलने के बाद तैयारी जारी रही और परिणाम वाणिज्य कर निरीक्षक के पद तक पहुंचा।