सफलता की राहें तब आसान हो जाती हैं जब मेहनत को सही दिशा और शासकीय योजनाओं का संबल मिल जाए। कुछ ऐसी ही कहानी है अशोकनगर निवासी श्री धर्मेन्‍द्र नामदेव की, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद हार नहीं मानी और आज अपनी मेहनत तथा शासन की महत्वाकांक्षी योजना के बल पर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है। कोलुआ रोड अशोकनगर के पास रहने वाले धर्मेन्‍द्र नामदेव स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर समाज में मान-सम्मान के साथ जीवन यापन कर रहे हैं।

अपने व्यवसाय को शुरू करने के लिए श्री धर्मेनद्र नामदेव को उद्यानिकी विभाग की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना से एक नया मार्ग मिला। उद्यानिकी विभाग के डीआरपी श्री अनुरूद्ध सिंह यादव के माध्यम से उन्हें इस योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त हुई। योजना के अंतर्गत उन्हें ‘‘भैया नमकीन’’ स्थापित करने हेतु बैंक से 12 लाख रुपए का ऋण स्वीकृत हुआ, साथ ही शासन की ओर से 4.20 लाख रुपए की बड़ी सब्सिडी का लाभ भी मिला।

व्यवसाय का विस्तार और आमदनी में वृद्धि

प्राप्त वित्तीय सहायता और सही मार्गदर्शन से श्री धर्मेनद्र नामदेव ने ‘‘भैया नमकीन’’ की शुरुआत की। आधुनिक तकनीकों और मशीनों का उपयोग कर उन्होंने नमकीन उत्पादन का कार्य शुरू किया। उद्योग से बनने वाली नमकीन को विक्रय कर वे लाभ कमा रहे हैं। सही प्रबंधन और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद के कारण उनका व्यापार तेजी से बढ़ा और आज वे इस इकाई से प्रतिमाह लगभग 60 से 65 हजार रुपए तक की शुद्ध आमदनी प्राप्त कर रहे हैं।

श्री धर्मेन्‍द्र नामदेव आज न केवल स्वयं आर्थिक रूप से सशक्त हुए हैं, बल्कि समाज के प्रति अपने दायित्व को समझते हुए दूसरों के लिए भी मददगार साबित हो रहे हैं। वे अपने नमकीन उद्योग में 8 से 10 स्थानीय युवाओं को भी नियमित रोजगार प्रदान कर रहे हैं, जिससे उनके परिवारों का जीवनयापन भी सुचारू रूप से चल रहा है। इस प्रकार वे दूसरों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गए हैं।

प्रधानमंत्री और उद्यानिकी विभाग का जताया आभार अपनी इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए श्री धर्मेन्‍द्र नामदेव बताते हैं कि ‘‘पीएमएफएमई योजना मेरे जीवन के लिए वरदान साबित हुई है। इस योजना ने मेरे आत्मनिर्भर बनने के सपने को साकार किया है।’’ इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री जी एवं उद्यानिकी विभाग का हृदय से बहुत-बहुत धन्यवाद और आभार व्यक्त किया है।