इंदौर जिले के ग्राम अलवासा की रहने वाली श्रीमती अनीता चौहान के जीवन में स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद आर्थिक बदलाव आया है। वे मुस्कान आजीविका समूह से जुड़ीं और समूह के माध्यम से उन्हें लोक अधिकार केंद्र में कार्य करने का अवसर मिला। इस कार्य से उन्हें बेहतर आमदनी प्राप्त होने लगी।
आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ते हुए श्रीमती अनीता चौहान ने बताया कि आजीविका समूह से ऋण लेकर सिलाई मशीन खरीदी। सिलाई कार्य के माध्यम से भी वे प्रतिमाह लगभग 6 हजार रुपए की अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं। इस तरह समूह से जुड़कर उन्हें रोजगार के साथ अपनी आय बढ़ाने का अवसर मिला और वे आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ रही हैं।
श्रीमती चौहान बताती हैं कि आजीविका समूह ने उन्हें आगे बढ़ने का अवसर और आर्थिक मजबूती दी है। वे कहती हैं, मैं आजीविका समूह की बहुत आभारी हूं। समूह से जुड़ने के बाद मुझे काम मिला और ऋण लेकर सिलाई मशीन खरीदने से मेरी आय भी बढ़ी है। मैं आजीविका समूह और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देती हूं।
स्वयं सहायता समूह महिलाओं को रोजगार, ऋण और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।


