कटनी (28 सितंबर) - प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय कटनी में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला संगठक डॉ. रुक्मणी प्रताप सिंह, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. माधुरी गर्ग एवं श्री सागर पटेल के निर्देशन में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद के तैलचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
जिला संगठक डॉ. रुक्मणी प्रताप सिंह ने एनएसएस के उद्देश्य और आदर्श वाक्य "मैं नहीं, तुम" की व्याख्या करते हुए कहा कि यह निस्वार्थ सेवा की भावना को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना का शुभारंभ 24 सितंबर 1969 को हुआ था। इसका उद्देश्य समाज सेवा के साथ स्वयंसेवकों के व्यक्तित्व एवं चरित्र का विकास करना है।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. माधुरी गर्ग ने एनएसएस बैज के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि बैज के तीन रंग स्वयंसेवकों को निरंतर कार्यरत रहने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि सामुदायिक सेवा के माध्यम से व्यक्तित्व एवं चरित्र निर्माण के साथ स्वयंसेवकों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। श्री सागर पटेल ने कहा कि एनएसएस स्वयंसेवकों में राष्ट्रीय भावना और देशप्रेम की भावना जागृत करता है।
समाज सेवा के माध्यम से व्यक्ति अपने व्यक्तित्व का विकास करने के साथ स्वस्थ समाज और राष्ट्र के निर्माण में योगदान दे सकता है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने एनएसएस के प्रति अपने अनुभव और रुचि साझा की। वरिष्ठ विद्यार्थियों ने कनिष्ठ विद्यार्थियों में एनएसएस के प्रति उत्साह जागृत करते हुए कहा कि एनएसएस स्वयंसेवकों को नई दिशा और नई राह प्रदान करता है। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।
लक्ष्य गीत "उठे समाज के लिए, उठेगा करके" की प्रस्तुति से विद्यार्थियों में देशभक्ति एवं समाजसेवा की भावना जागृत हुई। कु. पूनम ने लोक नृत्य की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में कु. भारती, लक्ष्मी, रविदास, लक्ष्मी तिवारी, श्रद्धा सिंह, पार्वती राम सपेरा, सोनम, राजेंद्र चौधरी सहित अन्य एनएसएस स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। अंत में वरिष्ठ स्वयंसेविका कु. भारती बर्मन ने आभार व्यक्त किया।


