सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार ने स्वच्छता ही सेवा अभियान का आयोजन आज बदायूं, उत्तर प्रदेश के डाइट ऑडिटोरियम में किया, जिसका उद्देश्य 'सफाई मित्रों का सम्मान, स्वच्छ भारत का संकल्प' संदेश को बढ़ावा देना था। समारोह को संबोधित करते हुए, मुख्य अतिथि केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री, श्री बी. एल. वर्मा ने नमस्ते (राष्ट्रीय मशीनीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र कार्रवाई) योजना पर प्रकाश डाला, जो स्वच्छता कार्यकर्ताओं की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास करती है।
उन्होंने जानकारी दी कि इस योजना के तहत 90,157 सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मचारियों का डेटा तैयार किया गया है। इनमें से 87,078 को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) किट मिल चुकी हैं और 76,920 को स्वास्थ्य बीमा के दायरे में लाया गया है। मंत्री ने आगे बताया कि 5,00,013 कचरा बीनने वालों का डेटा तैयार किया गया है, जिनमें से 3,15,593 का सत्यापन हो चुका है। कुल 1,79,269 कचरा बीनने वालों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) किट उपलब्ध कराई गई हैं। श्री वर्मा ने बताया कि बदायूं में, 146 सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मचारियों तथा 339 कचरा बीनने वालों को डेटा प्रक्रिया के माध्यम से सत्यापित किया गया है।
कार्यक्रम के दौरान, श्री वर्मा द्वारा 40 सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मचारियों तथा 30 कचरा बीनने वालों को प्रतीकात्मक रूप से व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) किट प्रदान की गईं। इसके अलावा, 31 सफाई मित्रों को आयुष्मान कार्ड भी बांटे गए, जबकि छह सफाई मित्रों को ऑटो-रिक्शा की चाबियां दी गईं।
इस कार्यक्रम ने 'वंचितों को वरीयता' यानी जो लोग ऐतिहासिक रूप से उपेक्षित या पीछे छूट गए हैं, उन्हें प्राथमिकता देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया, ताकि उन्हें वह सहायता और समर्थन मिल सके जिसके वे हकदार हैं।
हाशिए पर मौजूद लोगों पर यह ध्यान केंद्रित करना 'विकसित भारत' के उस व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाता है जिसमें हर नागरिक को भारत की विकास यात्रा में योगदान देने और उसका लाभ उठाने का अवसर मिलता है।
उपस्थित लोगों में दातागंज के विधायक श्री राजीव सिंह, बिल्सी के विधायक श्री हरीश चंद्र, उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य श्री वागीश पाठक, बदायूं की जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वर्षा यादव, और राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम के प्रबंध निदेशक श्री प्रभात कुमार सिंह शामिल थे।


