टीकमगढ़ के जिला न्यायालय परिसर में गुरुवार को अदालत का काम शुरू होने से पहले ए.डी.आर. भवन एक स्वास्थ्य केंद्र में बदल गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने 'उल्लास – एक अभिनव प्रयोग' अभियान के अंतर्गत यहां आयुर्वेदिक स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाया, जिसमें न्यायाधीश, न्यायिक कर्मचारी, अधिवक्ता और उनके परिवार के सदस्य जांच कराने पहुंचे। जांच के बाद उन्हें वहीं बनाए गए अस्थायी औषधि वितरण केंद्र से जरूरी आयुर्वेदिक दवाइयां भी उपलब्ध कराई गईं।
शिविर का आयोजन मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देश पर चल रहे इसी अभियान के तहत किया गया। मुख्य आतिथ्य प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती प्रवीणा व्यास का रहा। उन्होंने मां सरस्वती और महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
स्वास्थ्य को अधिकार की तरह देखने की कोशिश
श्रीमती प्रवीणा व्यास ने कहा कि उल्लास अभियान न्यायालयीन कर्मचारियों और अधिवक्ताओं तथा उनके परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य के अधिकार के संरक्षण के लिए प्रयासरत है। इसी अधिकार को ध्यान में रखते हुए जिला आयुष विभाग के आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी के सहयोग से यह शिविर लगाया गया। यानी यह एक बार का आयोजन नहीं, बल्कि एक चल रहे अभियान की कड़ी है।
अदालत में काम करने वाले लोगों के लिए दिनभर की व्यस्तता में अलग से जांच कराने का समय निकालना आसान नहीं होता। कार्यस्थल पर ही परीक्षण और दवा की व्यवस्था इसी दिक्कत का सीधा जवाब है, और शायद यही वजह रही कि शिविर में भागीदारी उत्साहपूर्ण रही।
आयुष विभाग की टीम ने संभाला मोर्चा
जिला आयुष विभाग, टीकमगढ़ से डॉ. वंशी लाल अहिरवार और डॉ. सीता साहू अपनी चिकित्सीय टीम के साथ शिविर में मौजूद रहे। टीम ने न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और अन्य लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया तथा आवश्यक उपचार एवं औषधियां प्रदान कीं। दवा वितरण के लिए कार्यालय में ही अस्थायी काउंटर लगाया गया था।
शिविर में प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्री शमरोज खान, विशेष न्यायाधीश श्री अशरफ अली, जिला न्यायाधीश श्री राजकुमार गुप्ता, श्री ज्ञानेश्वरी कुमरे, श्री वरुण पुनासे, श्री कमलेश भरकुण्डिया, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री आशीष कुमार केशरवानी और जिला रजिस्ट्रार श्री मुदित लटौरिया सहित अन्य न्यायाधीश उपस्थित रहे।
इनके अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती सुनीता गोयल, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री अनुज कुमार चंसौरिया, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री अनिल त्रिपाठी, न्यायिक कर्मचारी, प्राधिकरण के कर्मचारी और बड़ी संख्या में अधिवक्ता शिविर में शामिल हुए और स्वास्थ्य लाभ लिया।
आगे क्या
उल्लास अभियान उच्च न्यायालय और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर लगातार चल रहा है, इसलिए इस तरह की गतिविधियां आगे भी संभव हैं। न्यायालय परिसर से जुड़े कर्मचारी और अधिवक्ता ऐसे आयोजनों की जानकारी के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ए.डी.आर. भवन, जिला न्यायालय परिसर टीकमगढ़ से संपर्क कर सकते हैं।


