उज्जैन में अंतर्राष्ट्रीय बधिर सप्ताह 2026 के अवसर पर बुधवार को कान और श्रवण जांच का विशेष शिविर लगाया गया। इसमें 30 बच्चों सहित कुल 58 मरीजों का पंजीयन कर जांच और उपचार किया गया।

शिविर राष्ट्रीय बधिरता नियंत्रण एवं रोकथाम कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित हुआ। यहां सुनने की क्षमता में कमी के साथ कान और नाक-कान-गला संबंधी समस्याओं की जांच की गई।

विशेषज्ञों ने सभी आयु वर्ग के मरीज देखे

नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ डॉ. अंशु वर्मा और चिकित्सकीय टीम ने शिविर में पहुंचे सभी आयु वर्ग के लोगों की जांच की। जिला विकलांगता पुनर्वास केंद्र के ऑडियोलॉजिस्ट सूर्यकांत शर्मा ने प्योर टोन ऑडियोमेट्री जांच की।

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम बच्चों को शिविर स्थल तक लेकर आई। जिला अर्ली इंटरवेंशन केंद्र के कर्मचारियों ने आयोजन और जांच प्रक्रिया में सहयोग दिया।

तीन बच्चों को बीईआरए जांच की सलाह

जिला अर्ली इंटरवेंशन मैनेजर विनिशा सोलंकी के अनुसार, शिविर में चार मरीजों की पीटीए जांच की गई। तीन बच्चों को आगे बीईआरए जांच कराने की सलाह दी गई।

शेष हितग्राहियों को उनकी जांच के आधार पर दवाइयां देकर उपचार प्रदान किया गया। शिविर का उद्देश्य सुनने की समस्या की समय रहते पहचान, रोकथाम और उपचार उपलब्ध कराना था।