अब तक उज्जैन के महानंदानगर छात्रावास में रहने वाली छात्राओं का दिन का एक बड़ा हिस्सा चूल्हे और बाज़ार में बीतता था। कमरे में सिलेंडर रखकर खुद खाना बनाना, सब्ज़ी और बाकी सामान खुद खरीदकर लाना — इस पूरी प्रक्रिया में इतना समय चला जाता था कि पढ़ाई पीछे छूट जाती थी। गुरुवार को यह व्यवस्था बदल गई।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों में निर्मित आधुनिक मेस सुविधाओं का लोकार्पण किया। इसी कड़ी में उज्जैन जिले के महानंदानगर स्थित 50 सीटर पोस्ट मैट्रिक पिछड़ा वर्ग छात्रावास की छात्राओं से उन्होंने संवाद किया और नई मेस व्यवस्था के बारे में जानकारी ली।

पीएचडी की छात्रा ने बताया पहले क्या होता था

मुख्यमंत्री ने छात्रावास में अध्ययनरत पीएचडी की छात्रा पूजा सोनी से पूछा कि पहले भोजन की व्यवस्था किस तरह होती थी। पूजा सोनी ने बताया कि छात्राओं को अपने कमरों में ही सिलेंडर रखकर भोजन बनाना पड़ता था और सब्ज़ी सहित ज़रूरी सामग्री भी स्वयं खरीदकर लानी होती थी। उनके मुताबिक इसमें काफी समय निकल जाता था, जिसका असर पढ़ाई पर पड़ता था।

छात्रा ने बताया कि आधुनिक मेस व्यवस्था शुरू होने के बाद अब भोजन के इंतज़ाम के लिए अलग से समय नहीं देना पड़ेगा और पढ़ाई के लिए ज़्यादा वक्त मिल सकेगा। छात्राओं ने इस व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।

मेस कौन चलाएगा, खर्च कैसे चलेगा

नई व्यवस्था के तहत छात्रावास में मेस का संचालन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों द्वारा किया जाएगा। छात्रावास की अधीक्षिका मेस की प्रमुख रहेंगी, यानी भोजन की गुणवत्ता और संचालन की जिम्मेदारी संस्था के भीतर ही तय रहेगी।

शासन द्वारा विद्यार्थियों के लिए प्रति छात्र निर्धारित शिक्षावृत्ति की राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी। विभाग के अनुसार इस व्यवस्था का मकसद छात्रावास में रहकर पढ़ने वाले विद्यार्थियों को स्वच्छ, पौष्टिक और सुव्यवस्थित भोजन उपलब्ध कराना है।

कार्यक्रम में कौन मौजूद रहा

इस अवसर पर जिला पंचायत के सीईओ श्रेयांस कूमट, एसडीएम पवन बारिया और पिछड़ा वर्ग विभाग की सहायक संचालक अनुराधा सकवार सहित छात्रावास की छात्राएं उपस्थित रहीं।

महानंदानगर छात्रावास में रहने वाली छात्राओं के लिए बदलाव तत्काल लागू है — भोजन अब मेस से मिलेगा। जिन विद्यार्थियों को व्यवस्था को लेकर कोई जानकारी या शिकायत हो, वे छात्रावास अधीक्षिका से संपर्क कर सकते हैं, जो नई व्यवस्था में मेस की प्रमुख हैं।