ऊर्जा मंत्री का पटल बिजली की लोक अदालत का है। 15 सितंबर 2025 को श्री तोमर ने कहा, 39,337 प्रकरण निराकृत, 14 करोड़ 3 हज़ार छूट, 45 करोड़ 13 लाख राजस्व। समता आँकड़े विज्ञप्ति से लेता है।
मध्य क्षेत्र: 17,486 प्रकरण, 7 करोड़ 33 लाख 83 हज़ार छूट, 21 करोड़ 8 लाख राजस्व। पूर्व: 13,233, 3 करोड़ 92 लाख छूट, 13 करोड़ 22 लाख राजस्व। पश्चिम: 8,618, 2 करोड़ 77 लाख छूट, 10 करोड़ 11 लाख राजस्व।
छूट की शर्त
10 लाख तक सिविल दायित्व। धारा 135 और 126। प्री-लिटिगेशन सिविल दायित्व 30 प्रतिशत और ब्याज 100 प्रतिशत छूट; लिटिगेशन में 20 प्रतिशत और ब्याज 100 प्रतिशत। चित्र मध्यस्थता लोकार्पण का संदर्भ है, बिजली काउंटर का नहीं।
मुख्य बातें
- 39,337 निराकृत; छूट 14.03 करोड़; राजस्व 45.13 करोड़।
- तीन डिस्कॉम का अलग जोड़ विज्ञप्ति में है।
- समझौता सीमा 10 लाख तक सिविल दायित्व।
स्रोत और संदर्भ
- मध्य प्रदेश जनसंपर्क · राष्ट्रीय लोक अदालत में हुए 39 हजार से अधिक बिजली संबंधी प्रकरण निराकृत ↗15 सितंबर 2025
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 17 सितंबर 2026।



