19 अगस्त 2026। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व: कोर मानसून में बंद; बफर खुला। 1 जुलाई–16 अगस्त, 47 दिन: 400 से अधिक फेरे, 2 हजार से अधिक देशी-विदेशी पर्यटक, विभाग को ₹5.50 लाख से अधिक राजस्व। स्वतंत्रता दिवस: 29 सफारी वाहन, 161 पर्यटक दल, लगभग ₹40,000। 16 अगस्त: 24 वाहन, 111 दल। धमोखर और पनपथा बफर। विज्ञप्ति बाघ, तेंदुआ, हाथी, गौर, चीतल, सांभर, बार्किंग डियर, नीलगाय की मौजूदगी लिखती है; हल्ला इन्हें एक दिन की गिनती नहीं बनाता। कोर 1 जुलाई–30 सितंबर बंद। चित्र बफर का फ्रेम है, कोर नहीं।
15 सितंबर 2025 को ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया, हाल की राष्ट्रीय लोक अदालत में 39,337 बिजली प्रकरण निराकृत; उपभोक्ताओं को 14 करोड़ 3 हज़ार रुपये छूट; कंपनियों को 45 करोड़ 13 लाख राजस्व। मध्य क्षेत्र 17,486, पूर्व 13,233, पश्चिम 8,618। धारा 135 और 126; दस लाख तक सिविल दायित्व। यह मंत्री का ब्योरा है, हर बोर्ड की पर्ची नहीं।
22 मई 2026 को मंत्रालय में श्रम विभाग और आयुष विभाग ने एमओयू किया। ईएसआईसी के पंजीकृत श्रमिक और आश्रित शासकीय आयुष संस्थानों में कैशलेस उपचार पा सकेंगे। पहला चरण: प्रदेश के नौ शासकीय आयुष चिकित्सा महाविद्यालय। फिर जिला अस्पताल, विंग, डिस्पेंसरी—आपसी सहमति से। समझौता हस्ताक्षर है, पहले मरीज की पर्ची नहीं।
23 अगस्त 2025: पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह ने भोपाल हाट, अरेरा हिल्स पर दो दिवसीय आजीविका फ्रेश मेला शुरू किया। 11 बजे से 9:30 रात। सीईओ श्रीमती हर्षिका सिंह का स्वागत। उत्पाद सूची लंबी है—अनाज, दलहन, घी, टोफू, मशरूम, महुआ, मिलेट, गोबर दीये—और उसमें “जंगल की शुद्ध शहद” एक पंक्ति। श्योपुर-अलीराजपुर के ककोडे; नरसिंहपुर तुअर-गुड़; बालाघाट चिनौरी; सिवनी जीरा शंकर। मधु मेले को मधुमक्खी पालन सम्मेलन नहीं मानती।
27 जुलाई 2026, 16:58। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, मंत्रालय। मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी उन्नयन की समीक्षा। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) श्रीमती समीता राजौरा। मास्टर प्लान 2026-27 से 2045-46। वर्तमान 121.99 हेक्टेयर; अतिरिक्त 119.87; कुल 241.86 हेक्टेयर—प्रस्ताव, खुली बाड़ नहीं। निर्देश: आधुनिक बाड़े, संरक्षण प्रजनन, रेस्क्यू, पर्यटक सुविधा, इंटरएक्टिव एजुकेशन सेंटर; सीजेडए मानक। चित्र समीक्षा/सफारी का फ्रेम है, 241 हेक्टेयर का नक्शा नहीं।
20 जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय महिला और पुरुष टीमों को खो-खो का पहला विश्व कप जीतने पर बधाई दी। उन्होंने कहा, खिलाड़ियों ने तिरंगा लहराया; पूरा देश गौरवान्वित है। दोनों टीमों के कौशल, संकल्प और टीम वर्क को पारंपरिक खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की प्रेरणा बताया। क्रीड़ा इस 470 अक्षर की बधाई को मैच रिपोर्ट या पदक तालिका नहीं बनाती।